राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 'भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं 2024' शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में प्राकृतिक विपदाओं, तथा यातायात और सड़क दुर्घटनाओं जैसे अन्य कारणों से होने वाली आकस्मिक मौतों के आंकड़ें प्रदान किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- आकस्मिक मौतों की दर (प्रति लाख जनसंख्या): यह दर वर्ष 2023 के 31.9 से बढ़कर वर्ष 2024 में 33.3 हो गई। इनमें सर्वाधिक मौतें 30 से 45 वर्ष की आयु के बीच के समूह (31.3%) में दर्ज की गईं।
- प्राकृतिक विपदाओं के कारण होने वाली मौतें: इसके कारण कुल 7,903 मौतें हुईं। इनमें 35.7% मौतें 'आकाशीय बिजली' गिरने से, 23.2% मौतें 'लू/धूप लगने (हीट स्ट्रोक)' से और 10.5% मौतें 'शीतलहर' के कारण हुईं।
- आकाशीय बिजली गिरने से सर्वाधिक मौतें मध्य प्रदेश (577), बिहार (360) और उत्तर प्रदेश (275) में दर्ज की गईं।
- अन्य कारणों से होने वाली दुर्घटनाएं: इन कारणों से कुल 4,59,954 मौतें हुईं, जिनमें महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या अधिक थी।
- प्रमुख कारण: 'यातायात दुर्घटनाएं' (43.4%), 'आकस्मिक मौतें' (16.5%), 'डूबना' (8.7%), 'ऊंचाई से गिरना' (5.7%), 'जहर खाने' (4.7%) और 'करंट लगना' (3.4%)।
- अग्नि दुर्घटनाएं: वर्ष 2024 में आग लगने की 5,971 दर्ज घटनाओं के कारण 5,888 लोगों की मृत्यु हो गई।
- सड़क दुर्घटनाएं: यातायात दुर्घटनाओं में सड़क दुर्घटनाओं (87.8%) से होने वाली मौतों की हिस्सेदारी सर्वाधिक रही। रेलवे दुर्घटनाओं में एक भी मृत्यु दर्ज नहीं की गई।
- प्रमुख कारण: गाड़ियों की तेज गति इसका मुख्य कारण रही, जिससे 61.2% सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
- क्षेत्रीय विस्तार: शहरी क्षेत्रों (40.3%) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों (59.7%) से अधिक दुर्घटनाओं के मामले सामने आए।
- दुर्घटना स्थल: 31.2% सड़क दुर्घटनाएँ आवासीय क्षेत्रों के निकट दर्ज की गईं।