हसदेव-अरण्य वन में राजस्थान की सरकारी स्वामित्व वाली बिजली उत्पादक कंपनी ने 1,742.6 हेक्टेयर घने वन क्षेत्र को अन्य उपयोगों के लिए परिवर्तित करने तथा लगभग 4.48 लाख पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव रखा।।
हसदेव-अरण्य वन के बारे में
- स्थिति: यह छत्तीसगढ़ के कोरबा, सरगुजा और सूरजपुर जिलों में विस्तृत है।
- वन का प्रकार: यहां घने साल के वन हैं।
- प्राप्त जीव-जंतु: यह अनुसूची-I की नौ प्रजातियों का पर्यावास है। इनमें तेंदुए, स्लोथ भालू और हाथी शामिल हैं।
- महत्व: इसे प्रायः "मध्य भारत के फेफड़े" कहा जाता है। यह हसदेव नदी और बांगो बांध का जलग्रहण क्षेत्र है। साथ ही, यह बाघों के लिए विस्तार गलियारा तथा आदिवासी समुदायों के लिए प्राकृतिक संसाधन के महत्वपूर्ण स्रोत है।
बांग्लादेश ने तीस्ता परियोजना के लिए चीन से सहयोग मांगा है।
तीस्ता नदी के बारे में
- उद्गम: उत्तरी सिक्किम में चो ल्हामू झील। पाहुनरी ग्लेशियर, खांगसे ग्लेशियर तथा चो ल्हामू झील को भी इसका स्रोत माना जाता है।
- मार्ग: यह नदी भारत में सिक्किम और पश्चिम बंगाल से बहती है, इसके बाद बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जहां यह फुलचोरी के पास ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है।
- प्रमुख सहायक नदी: रंगीत नदी, सिक्किम में तीस्ता की मुख्य सहायक नदी है।
- तीस्ता जल संधि: इसके लिए 2011 में, एक मसौदा समझौते का प्रस्ताव किया गया था जिसमें शुष्क मौसम के दौरान भारत को तीस्ता का 42.5% और बांग्लादेश को 37.5% जल मिलना था।
- पश्चिम बंगाल की आपत्तियों के कारण इसका कार्यान्वयन रोक दिया गया था।
केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने आधार वर्ष 2022-23 के साथ सकल राज्य मूल्य वर्धित (GSVA) अनुमानों के संकलन के लिए समान दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
दिशा-निर्देशों के बारे में
- लक्ष्य: GSVA और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के संकलन में सुधार करना और सभी राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में आर्थिक डेटा की निरंतरता और तुलनीयता सुनिश्चित करना।
- प्रमुख प्राथमिकताएं: डेटा एकीकरण का विस्तार करना, उभरते और गैर-निगमित क्षेत्रों को शामिल करने के लिए कार्य-प्रणाली को अद्यतित करना, और सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में पद्धतियों का मानकीकरण करना।
- 100% राष्ट्रीय कवरेज के लिए पहले से बाहर रखे गए संघ राज्य क्षेत्रों; जैसे लक्षद्वीप तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को शामिल करने का भी लक्ष्य है।
GSDP अनुमानों का महत्व
- इसे राज्य-स्तरीय संवृद्धि, औद्योगिक उत्पादन आदि पर नज़र रखने के लिए उपयोग किया जाता है।
- संसाधनों को आवंटित करने और केंद्रीय करों को वितरित करने के लिए वित्त आयोग और वित्त मंत्रालय द्वारा इसका उपयोग किया जाता है।
हाल ही में, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जननी (JANANI - प्रसवपूर्व, प्रसवकालीन और नवजात शिशु के लिए एकीकृत देखभाल यात्रा) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
जननी (JANANI) के बारे में
- यह प्रजनन आयु के दौरान महिलाओं के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की व्यापक निगरानी और रखरखाव के लिए तैयार किया गया एक सेवा-उन्मुख डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- यह मौजूदा RCH (प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य) पोर्टल का एक उन्नत संस्करण है, जो देखभाल की निरंतरता में प्रमुख सेवा वितरण घटनाओं को दर्ज करके एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करता है।
- प्रमुख विशेषताएं:
- समन्वय: यू-विन (U-WIN) और पोषण (POSHAN) जैसे राष्ट्रीय प्लेटफार्मों को एकीकृत करता है।
- विशिष्ट पहचानकर्ता (Unique Identifiers): लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए आभा (ABHA), आधार (OTP और बायोमेट्रिक) और मोबाइल नंबर जैसी पहचानकर्ता सुविधाएं।
- अन्य: QR-आधारित डिजिटल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) कार्ड; उच्च जोखिम वाले गर्भधारण के लिए स्वचालित अलर्ट, पर्यवेक्षी समीक्षा के लिए रियल-टाइम डैशबोर्ड, आदि।
Article Sources
1 sourceवैज्ञानिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को रेखांकित करते हुए INS सागरध्वनि युद्धपोत वियतनाम पहुंचा।
- इसे सागर मैत्री (SM-5) पहल के 5वें संस्करण के लिए रवाना किया गया था।
- सागर मैत्री, भारतीय नौसेना और DRDO की एक प्रमुख सहयोगी पहल है। यह भारत के 'महासागर/MAHASAGAR (विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) विजन के अनुरूप है।
INS सागरध्वनि के बारे में
- यह जुलाई 1994 में कमीशन किया गया एक विशेष समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत है।
- इसे DRDO की नौसेना भौतिक और समुद्र विज्ञान प्रयोगशाला (NPOL) द्वारा डिज़ाइन किया गया और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित किया गया है।
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1 sourceTDB ने स्वदेशी रूप से विकसित टाइप-IV कम्पोजिट CNG सिलेंडरों के उत्पादन और व्यावसायीकरण के लिए एक उन्नत विनिर्माण सुविधा स्थापित करने हेतु एक निजी फर्म के साथ समझौता किया है।
- टाइप-IV कम्पोजिट सिलेंडर पारंपरिक स्टील सिलेंडरों की अगली पीढ़ी के विकल्प हैं। इनका वजन 75% तक कम होता है, साथ ही इनके बेहतर वाहन दक्षता और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे लाभ होते हैं।
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) के बारे में
- वैधानिक निकाय: प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995 के तहत।
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग।
- उद्देश्य: स्वदेशी प्रौद्योगिकी का विकास और व्यावसायीकरण तथा व्यापक अनुप्रयोग के लिए आयातित प्रौद्योगिकी के साथ अनुकूलन।
- यह औद्योगिक उपक्रमों को इक्विटी पूंजी सहायता/ ऋण तथा अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
PMEGP ने 15वें वित्त आयोग चक्र के दौरान मजबूत प्रदर्शन प्रदर्शित किया है।
- महिला लाभार्थी: सूक्ष्म उद्यमों को दी गई कुल सहायता का लगभग 40% महिलाओं को प्राप्त हुआ है।
- SC/ST/OBC श्रेणियाँ: लगभग 54% लाभार्थी।
- ग्रामीण: PMEGP के तहत स्थापित लगभग 80% उद्यम ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।
PMEGP के बारे में
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME)।
- कार्यान्वयन एजेंसी: खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) (KVIB, DIC और कॉयर बोर्ड के साथ)।
- कार्यान्वयन तंत्र: बैंक ऋणों पर मार्जिन मनी (MM) सब्सिडी प्रदान करके गैर-कृषि क्षेत्रकों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में संभावित उद्यमियों को सहायता प्रदान करना है।
- अनुमत अधिकतम परियोजना लागत: विनिर्माण इकाई के लिए ₹50 लाख और सेवा इकाई के लिए ₹20 लाख है।