भारतीय वायु सेना (IAF) इजराइल से और अधिक रैम्पेज मिसाइलें खरीदेगी।
रैम्पेज मिसाइल के बारे में:
- यह हवा से जमीन पर मार करने वाली और सटीक निशाना लगाने वाली लंबी दूरी की मिसाइल है।
- यह सुपरसोनिक गति से हमला कर सकती है, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल होता है।
- विकास: इसका विकास इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ ने किया है।
भारत, अपनी पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान (AMCA) कार्यक्रम के लिए फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी सफ्रान के साथ मिलकर एडवांस्ड जेट इंजन का निर्माण करेगा।
एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के बारे में:
- AMCA पाँचवीं पीढ़ी का और मध्यम-वजन का स्टील्थ फाइटर जेट है। इसे लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना के तहत DRDO द्वारा विकसित किया जा रहा है।
- समय-सीमा: इसका प्रोटोटाइप 2028-29 तक तैयार होने और 2034-35 तक सेना में शामिल किए जाने का अनुमान है।
- पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की विशेषताएं:
- स्टील्थ क्षमता,
- ट्विन-इंजन द्वारा संचालित सुपरक्रूज़,
- एडवांस्ड AI-सक्षम एवियोनिक्स
- AESA राडार के माध्यम से लंबी दूरी तक लक्ष्य का पता लगाने की क्षमता।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने आतंकवादियों से कथित सांठगांठ के आरोप में दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
- यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत लिया गया।
अनुच्छेद 311 के बारे में:
- यह अनुच्छेद संघ या राज्य सरकार के तहत सिविल पद पर कार्यरत व्यक्तियों की बर्खास्तगी, पदच्युति या पदावनति से संबंधित है।
- अनुच्छेद 311(1): सिविल सेवा के सदस्य को नियुक्ति करने वाले प्राधिकरण से अधीनस्थ किसी भी प्राधिकरण द्वारा बर्खास्त नहीं किया जा सकता या हटाया नहीं जा सकता।
- अनुच्छेद 311(2): सिविल सेवा के किसी भी कर्मचारी को जांच, आरोपों की पूर्व सूचना और सुनवाई के उचित अवसर दिए बिना बर्खास्त, पदच्युति या पदावनत नहीं किया जा सकता।
हाल ही में यूक्रेन ने रूस की द्रुजबा तेल पाइपलाइन के एक अहम पंपिंग स्टेशन पर रॉकेट और ड्रोन से अटैक किया। गौरतलब है कि इस पाइपलाइन से रूस से सीधे हंगरी और स्लोवाकिया को क्रूड ऑयल आपूर्ति की जाती है।
द्रुजबा पाइपलाइन के बारे में:
- इसे फ्रेंडशिप पाइपलाइन भी कहा जाता है।
- यह दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल पाइपलाइन नेटवर्कों में से एक है।
- इसकी कुल लंबाई 5500 किलोमीटर है।
- यह पाइपलाइन रूस से शुरू होकर बेलारूस और यूक्रेन होती हुई स्लोवाकिया तथा हंगरी तक क्रूड ऑयल की आपूर्ति करती है।
भारत को AIBD के कार्यकारी बोर्ड का अध्यक्ष चुना गया। यह निर्णय थाईलैंड में आयोजित 23वें AIBD-महा-सम्मेलन में लिया गया।
एशिया-प्रशांत प्रसारण विकास संस्थान (AIBD) के बारे में:
- स्थापना: AIBD की स्थापना 1977 में यूनेस्को के तत्वाधान में की गई थी। यह एक विशेष क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है।
- सचिवालय: कुआलालंपुर (मलेशिया)।
- कार्य: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक जीवंत और समन्वित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया परिवेश सुनिश्चित करना।
- सदस्य: वर्तमान में 45 देशों के 92 संगठन इसके सदस्य हैं।
- भारत AIBD का संस्थापक सदस्य है। इसमें भारत का पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टर ‘प्रसार भारती’ सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करता है।
Article Sources
1 sourceइंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन ने गाजा में अकाल की पुष्टि की है।
- गाजा में 50 लाख से अधिक लोग अकाल की चपेट में फंसे हुए हैं, जहां भीषण भुखमरी और चरम कुपोषण का संकट मौजूद है। इन वजहों से उन लोगों की मौतें हो रही हैं जिन्हें बचाया जा सकता था।
इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (IPC) के बारे में:
- परिचय: IPC एक मानकीकृत अंतरराष्ट्रीय टूल है। इसका उपयोग किसी देश या क्षेत्र में खाद्य संकट की गंभीरता को मापने और उसे रिपोर्ट करने के लिए किया जाता है।
- स्थापना: इसकी शुरुआत 2004 में फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन एनालिसिस यूनिट (FSNAU) द्वारा की गई थी। इसे सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
- यह 21 साझेदार संगठनों की अभिनव पहल है, जिसमें UN की एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय NGO शामिल हैं।
- संचालन संरचना:
- IPC उच्च स्तरीय कार्यकारी समिति-यह IPC की वैश्विक संचालन संरचना में सर्वोच्च स्तर की इकाई है।
- IPC ग्लोबल स्टीयरिंग कमिटी: यह इस पहल का शासी निकाय है।
Article Sources
1 sourceअर्जेंटीना और चिली के पास स्थित ड्रेक पैसेज में 7.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
ड्रेक पैसेज के बारे में:
- अवस्थिति: यह जल निकाय दक्षिण अमेरिका के दक्षिणतम पॉइंट ‘केप हॉर्न’ और अंटार्कटिक प्रायद्वीप के उत्तर में स्थित साउथ शेटलैंड आइलैंड्स के बीच स्थित है।
- नामकरण: इसका नाम प्रसिद्ध अंग्रेज़ नाविक सर फ्रांसिस ड्रेक के नाम पर रखा गया है।
- महासागरीय धारा: यह जल निकाय मुख्य रूप से पश्चिम से पूर्व की ओर बहता है। यह अंटार्कटिक सरकम्पोलर करंट का हिस्सा है जो विश्व की सबसे विशाल महासागरीय धारा है।
- ऐतिहासिक व्यापार मार्ग: 1914 में पनामा नहर के खुलने से पहले यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था।
- नाविकों के लिए चुनौती: यह क्षेत्र समुद्री तूफ़ानों और बर्फीले क्षेत्र के लिए जाना जाता है, जिससे केप हॉर्न से गुजरने वाले जहाजों को अवरोधों का सामना करना पड़ता है।
जनजातीय परिषद ने कहा है कि ग्रेट निकोबार इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर जनजातीय लोगों के वन अधिकारों से जुड़ी चिंताओं का अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रेट निकोबार इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के बारे में:
- यह मेगा प्रोजेक्ट अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के दक्षिणी छोर यानी ग्रेट निकोबार द्वीप पर प्रस्तावित है।
- इस परियोजना के तहत निम्नलिखित का निर्माण शामिल हैं:
- ट्रांसशिपमेंट पोर्ट,
- अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
- टाउनशिप का विकास
- 450 MVA का गैस और सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट
- क्रियान्वयन एजेंसी: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह एकीकृत विकास निगम (ANIIDCO)
- परियोजना को लेकर चिंताएँ:
- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भूकंप प्रवण क्षेत्र होने से इस परियोजना पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
- द्वीप पर रहने वाली शोम्पेन, निकोबारिज़ जैसी जनजातियों का रहन-सहन प्रभावित हो सकता है।