चांदी (Silver) | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत को फिनिश्ड सिल्वर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए चांदी के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ानी चाहिए और आयात के स्रोतों में विविधता लानी चाहिए।

  • भारत ने वर्ष 2024 में विश्व में चांदी के कुल व्यापार का लगभग 21.4% आयात किया। इससे भारत 'फिनिश्ड सिल्वर' का विश्व का सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया है।

चांदी के बारे में:

  • यह एक अपेक्षाकृत नरम और चमकदार धातु है।
  • प्रमुख अनुप्रयोग: चांदी में उच्चतम विद्युत और तापीय चालकता होती है, जो इसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सर्किट बोर्ड, कनेक्टर, बैटरी और ऑटोमोटिव सिस्टम के लिए अपरिहार्य बनाती है।
    • चांदी के जीवाणुरोधी गुणों (antibacterial properties) के कारण इसका उपयोग घाव की ड्रेसिंग, चिकित्सा उपकरणों की कोटिंग, कैथेटर, सर्जिकल उपकरणों, जल-शोधन प्रणालियों और औषधि यौगिकों में किया जाता है।
  • प्राकृतिक रूप से उपलब्धता: चांदी मुख्य रूप से अर्जेंटाइट (argentite) और क्लोरार्गाइराइट (हॉर्न सिल्वर) जैसे अयस्कों में पाई जाती है।

बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान (BNP) पर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) ने 2020 की उस सरकारी अधिसूचना को वापस लेने की सिफारिश की है जिसने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone: ESZ) को कम कर दिया था। 

  • साथ ही, समिति ने 2016 की मसौदा अधिसूचना में प्रस्तावित विस्तृत ESZ को बहाल करने का सुझाव भी दिया है।

पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के बारे में:

  • ESZ वे क्षेत्र हैं जिन्हें केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा संरक्षित क्षेत्रों, राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के चारों ओर अधिसूचित किया जाता है।
  • इनका उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों के आसपास की गतिविधियों को विनियमित और प्रबंधित करना है, ताकि ESZ वन्यजीवों के लिए "शॉक एब्जॉर्बर" (बाह्य-आघात अवशोषक) के रूप में कार्य कर सकें।

बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान के बारे में:

  • अवस्थिति: बेंगलुरु (कर्नाटक)।
  • चार रेंज: अनेकल, बन्नेरघट्टा, हरोल्लाहल्ली और कोडिहल्ली वन्यजीव क्षेत्र।
  • प्राप्त मुख्य वनस्पति: मेद्री बांस।
  • प्राप्त जीव-जंतु: तेंदुआ (पैंथर), हाथी, स्लॉथ बियर , चित्तीदार हिरण, ग्रे लंगूर, बोनट मकाक, जंगली सूअर, सियार, आदि। 

खान सुरक्षा महानिदेशालय (Directorate General of Mines Safety) ने अपना 125वां स्थापना दिवस मनाया।

खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के बारे में:

  • स्थापना: DGMS की स्थापना 1902 में "खान निरीक्षण ब्यूरो" के रूप में हुई थी।
  • वर्ष 1967 से, इस कार्यालय का नाम बदलकर खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) कर दिया गया।
  • मंत्रालय: यह केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत एक विनियामक निकाय है।
  • कार्यक्षेत्र: यह खदानों (कोयला, धात्विक और तेल-खदानों) में कामगारों के कार्य की प्रकृति से जुड़ी सुरक्षास्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित विषयों का पर्यवेक्षण करता है।
  • मुख्यालय: इसका मुख्यालय धनबाद (झारखंड) में स्थित है।  इसका नेतृत्व 'खान सुरक्षा महानिदेशक' द्वारा किया जाता है।
  • भूमिका और कार्य:
    • खदानों का निरीक्षण करना;
    • खदानों में होने वाली दुर्घटनाओं और खतरनाक घटनाओं की जांच करना और आपातकालीन उपाय सुनिश्चित करना।
    • खनन कार्यों के लिए वैधानिक अनुमति, छूट और रियायतें प्रदान करना।

वित्तीय वर्ष 25 में TRAI द्वारा लगाए गए 97% जुर्माने का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।

  • TRAI केवल स्पैम और सेवाओं की गुणवत्ता जैसे विशिष्ट नियमों के उल्लंघन पर ही जुर्माना लगा सकता है।
  • इसके बावजूद, ये जुर्माने भी अक्सर बकाया रह जाते हैं क्योंकि टेलीकॉम ऑपरेटर्स इन जुर्मानों के खिलाफ अपीलीय अधिकरण में अपील कर देते हैं। 

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के बारे में:

  • स्थापना: TRAI की स्थापना 1997 में 'भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997' के तहत की गई थी।
  • स्वरुप: यह एक सांविधिक (Statutory) और विनियामक (Regulatory) संस्था है। 
  • प्रमुख कार्य: 
    • भारत में टेलिकॉम क्षेत्रक को विनियमित करना।
    • डेटा सेवाओं, करियर सेवाओं, एक्सेस सेवाओं और एकीकृत लाइसेंसिंग जैसी दूरसंचार प्रौद्योगिकियों की लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सुगम बनाना।
    • दूरसंचार क्षेत्रक में ग्राहकों/उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
Tags:

भारत, सड़क निर्माण हेतु बायो-बिटुमेन (Bio-bitumen) का व्यावसायिक रूप से उत्पादन करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।

बायो-बिटुमेन के बारे में:

  • यह बिटुमेन का एक वैकल्पिक रूप है, जिसे जैविक (ऑर्गेनिक) तत्वों से तैयार किया जाता है। 
    • उदाहरण: कृषि-अपशिष्ट, लिग्निन, बायोचार, बायो-ऑयल  आदि।
  • बिटुमेन: यह कच्चे तेल के आसवन (distillation) से उत्पन्न होने वाला एक काला पदार्थ है। यह अपने चिपकने वाले गुणों (adhesive properties) के लिए जाना जाता है।
  • प्रमुख लाभ:
    • कच्चे तेल के आयात में कमी लाई जा सकती है।
    • पराली जलाने (Stubble burning) की समस्या का समाधान कर सकता है।
    • जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) को बढ़ावा दे सकता है।
    • इसका उपयोग बिटुमेन के पूरक के रूप में किया जा सकता है या बाइंडर मिश्रण में बिटुमेन की मात्रा कम करने के लिए किया जा सकता है।
  • अनुप्रयोग:
    • सड़कों को पक्का करने में।
    • जलरोधक कार्यों (Waterproofing) में, आदि।

बायोमैटेरियल्स यानी जैव-पदार्थ पारंपरिक, पेट्रोलियम आधारित उत्पादों के लिए संधारणीय विकल्प प्रदान करते हैं।

बायोमैटेरियल्स (जैव-पदार्थ) के बारे में:

  • बायोमैटेरियल्स वे पदार्थ हैं जो पूरी तरह या आंशिक रूप से जैविक स्रोतों से प्राप्त होते हैं या जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से बनाई जाती हैं।
  • अनुप्रयोग: बायोइंजीनियरिंग/जैव-चिकित्सा, पैकेजिंग, कृषि, स्वास्थ्य-देखभाल सेवा, वस्त्र उद्योग, आदि में। 

बायोमैटेरियल्स का वर्गीकरण:

  • ड्रॉप-इन बायोमैटेरियल्स: ये रासायनिक रूप से पेट्रोलियम आधारित पदार्थों के समान होते हैं। इससे इन्हें वर्तमान विनिर्माण प्रणालियों में उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण-बायो-पीईटी (bio-PET) 
  • ड्रॉप-आउट बायोमैटेरियल्स: ये रासायनिक रूप से पारंपरिक पदार्थों से भिन्न होते हैं और इनके लिए आधुनिक प्रसंस्करण या निपटान प्रणालियों की आवश्यकता होती है। उदाहरण- पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA)
  • नोवेल बायोमैटेरियल्स: ये ऐसी अद्वितीय विशेषताएं प्रदान करते हैं जो पारंपरिक पदार्थों में नहीं पाई जातीं। इनमें स्वयं-मरम्मत (self-healing) करने की क्षमता और बायोएक्टिव इम्प्लांट्स शामिल हैं।

स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित भारत के पहले प्रदूषण नियंत्रण पोत (PCV)ICGS समुद्र प्रताप को गोवा में समुद्री बेड़े में शामिल (कमीशनिंग) किया गया।

ICGS समुद्र प्रताप की मुख्य विशेषताएं:

  • यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा निर्मित किए जा रहे दो प्रदूषण-नियंत्रण पोतों में से पहला पोत है। इसमें 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। 
  • यह भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के बेड़े का अब तक का सबसे बड़ा पोत है।
  • इसकी लंबाई 114.5 मीटर और जल-विस्थापन (Displacement) क्षमता 4,170 टन है।
  • यह पोत निम्नलिखित आधुनिक उपकरणों से युक्त है:
    • उन्नत प्रदूषण-पहचान प्रणाली,
    • प्रदूषण नियंत्रण कार्रवाई हेतु समर्पित नौकाएं,
    • ऑनबोर्ड प्रदूषण नियंत्रण प्रयोगशाला,
    • आधुनिक अग्निशमन क्षमताएं। 

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने वित्तीय वर्ष (FY) 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रथम अग्रिम अनुमान (Advance Estimates) जारी किए हैं।

अग्रिम अनुमान के मुख्य बिंदु  

  • वास्तविक जीडीपी (Real GDP): वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.4% की संवृद्धि दर प्राप्त करने का अनुमान है। 2024-25 के दौरान यह 6.5% थी।
  • स्थिर कीमतों (Constant Prices) पर वास्तविक जीडीपी वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹201 लाख करोड़ के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है।
  • मौद्रिक जीडीपी (Nominal GDP): इस आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8.0% की संवृद्धि दर प्राप्त करने का अनुमान है।
  • चालू  कीमतों (Current Prices) पर मौद्रिक जीडीपी वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹357 लाख करोड़ के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। 

वित्तीय वर्ष 2025–26 में मौद्रिक सकल मूल्य-वर्धित (नॉमिनल GVA) की क्षेत्रकवार संरचना

  • कृषि, पशुपालन, वानिकी एवं मात्स्यिकी – 17%
  • खनन एवं उत्खनन – 2%
  • विनिर्माण– 14%
  • विद्युत, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाएं – 2%
  • निर्माण– 9%
  • व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण से संबंधित सेवाएं – 17%
  • वित्तीय, रियल एस्टेट एवं व्यावसायिक सेवाएं – 24%
  • लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाएं – 15%
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

जीवाणुरोधी गुण

चांदी में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीवों को मारने या उनके विकास को रोकने की क्षमता होती है। यह गुण चिकित्सा, जल शोधन और उपभोक्ता उत्पादों में इसके उपयोग को बढ़ाता है।

उच्चतम विद्युत और तापीय चालकता

चांदी में अन्य सभी धातुओं की तुलना में विद्युत धारा और ऊष्मा को संचालित करने की सबसे अधिक क्षमता होती है। यह गुण इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उच्च-प्रदर्शन अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण बनाता है।

क्लोरार्गाइराइट (हॉर्न सिल्वर)

सिल्वर क्लोराइड (AgCl) का एक खनिज, जो चांदी का एक अन्य महत्वपूर्ण अयस्क है। यह अपनी मोम जैसी या हॉर्न जैसी बनावट के लिए जाना जाता है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet