भारत ने ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता ग्रहण की और वह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा | Current Affairs | Vision IAS
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  • ब्राज़ील ने ऑफिशियली 2026 के लिए BRICS की प्रेसीडेंसी भारत को सौंप दी है, जिसमें रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस किया गया है।
  • भारत की प्रेसीडेंसी का मकसद ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार करना, ग्लोबल साउथ को लीड करना, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना और स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी बनाए रखना है।
  • BRICS, जो 2001 में 'BRIC' से बना था, 2010 में इसमें साउथ अफ्रीका को शामिल किया गया और हाल ही में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और UAE को जोड़ा गया।

In Summary

ब्राजील ने आधिकारिक तौर पर 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत को सौंप दी है। भारत की अध्यक्षता चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है: समुत्थानशीलता, नवाचार, सहयोग और पर्यावरणीय स्थिरता/ संधारणीयता।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का महत्त्व:

  • वैश्विक शासन में सुधार: भारत पश्चिमी प्रभुत्व से बचने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को बदलने की बजाय उनमें सुधार करने का आह्वान करता है।
  • ग्लोबल साउथ का नेतृत्व और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थन: भारत 'ग्लोबल साउथ' और पश्चिम के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करता है, ताकि विकासशील देशों की चिंताओं को वैश्विक मंच पर रखा जा सके।
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) को बढ़ावा: इसे ग्लोबल साउथ के लिए एक मापन योग्य विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा। 
  • रणनीतिक स्वायत्तता और बहु-संरेखण: पश्चिम के नेतृत्व वाले समूहों तथा चीन के साथ संलग्नता को संतुलित करते हुए भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखने में और सक्षम होगा। 

ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका: BRICS) के बारे में जानकारी:

  • उत्पत्ति: ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने 2001 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए 'BRIC' शब्द का सृजन किया था।
    • ब्रिक (ब्राजील, रूस, भारत और चीन: BRIC) ने 2006 में G8 आउटरीच शिखर सम्मेलन के दौरान एक औपचारिक समूह के रूप में कार्य करना शुरू किया था। पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन 2009 में रूस में आयोजित किया गया था।
    • 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के साथ 'BRIC' बदलकर 'BRICS' हो गया था।
  • उद्देश्य: वैश्विक शासन में सुधार करना और पश्चिम के प्रभुत्व वाली संस्थाओं (जैसे- IMF, विश्व बैंक, UNSC आदि) के विकल्प प्रदान करना।
  • अध्यक्षता: सदस्य देशों द्वारा वार्षिक रूप से बारी-बारी से ग्रहण की जाती है।
  • सहयोग के तीन स्तंभ: ब्रिक्स तीन प्रमुख स्तंभों के तहत महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करता है। ये तीन स्तंभ हैं: राजनीति और सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय तथा सांस्कृतिक व लोगों के बीच आदान-प्रदान।
  • वैश्विक प्रभाव: यह समूह वैश्विक जनसंख्या के लगभग 49.5%, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 40% और वैश्विक व्यापार के लगभग 26% का प्रतिनिधित्व करता है।
  • सदस्य देश:
    • प्रारंभिक सदस्य (BRICS): ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका।
    • नए सदस्य (BRICS+): मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। 
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UNSC

United Nations Security Council. A principal organ of the UN responsible for maintaining international peace and security, with five permanent members (China, France, Russia, UK, US) holding veto power and ten non-permanent members elected for two-year terms.

World Bank

The World Bank is an international financial institution that provides loans and grants to the governments of low- and middle-income countries for the purpose of pursuing capital projects. It comprises two distinct institutions: the International Bank for Reconstruction and Development (IBRD) and the International Development Association (IDA).

IMF

International Monetary Fund. An international organization that fosters global monetary cooperation, secures financial stability, facilitates international trade, promotes high employment and sustainable economic growth, and reduces poverty around the world. Its estimates regarding job susceptibility to AI are relevant for understanding global economic trends.

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