WTO महानिदेशक के अनुसार सुधारों को भू-राजनीतिक तनावों और तेजी से होते तकनीकी परिवर्तनों के साथ समन्वय बनाना चाहिए। साथ ही, किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
वैश्विक व्यापार प्रणाली के समक्ष मुख्य चुनौतियां
- विवाद समाधान: WTO का अपीलीय निकाय, जो संगठन के द्वि-स्तरीय विवाद निपटान तंत्र का मुख्य आधार है, दिसंबर 2019 से निष्क्रिय अवस्था में है।
- WTO के साथ अनसुलझे मुद्दे: कृषि जिंसों पर व्यापार, सब्सिडी, और बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए 'विशेष एवं विभेदक व्यवहार' लागू करने की शर्तें जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे हैं। साथ ही, दोहा विकास एजेंडा भी रुका हुआ है।
- भू-राजनीतिक बदलाव और संरक्षणवादी प्रवृत्तियां: उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका के पारस्परिक प्रशुल्क (टैरिफ); बढ़ता टैरिफ वॉर और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर अधिक जोर देना।
- अन्य मुद्दे: डेटा गोपनीयता, सीमा-पार डेटा प्रवाह, डिजिटल सेवाओं पर कराधान, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखला की सुभेद्यता जैसे नए विषयों का उभरना।
वैश्विक व्यापार प्रणाली को मजबूत करने के उपाय
- वैश्विक व्यापार के आधार के रूप में बहुपक्षवाद की पुष्टि: WTO के तहत व्यापार उदारीकरण सहित इसके ऐतिहासिक महत्त्व को स्वीकार करना चाहिए।
- बहुपक्षीय समझौतों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग: जहां सभी WTO सदस्यों की आम सहमति संभव न हो, वहां बहुपक्षीय प्रणालियों को बनाए रखते हुए उनका उपयोग करना चाहिए।
- नए एंथ्रोपोसीन संदर्भ को पहचानना: औद्योगिक नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को जलवायु परिवर्तन से निपटने की प्रतिबद्धताओं के साथ जोड़ना चाहिए; डिजिटल क्षेत्र में अधिक अंतर्संचालनीयता लानी चाहिए आदि।
- पूर्णतः क्रियाशील विवाद निपटान प्रणाली को बहाल करना: समयबद्ध और कुशल तरीके से विवाद समाधान की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।
विश्व व्यापार संगठन (WTO) के बारे में
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