शेखा झील पक्षी अभयारण्य भारत का 99वां रामसर स्थल बन गया है।
- रामसर स्थल वे स्थल हैं जिन्हें रामसर कन्वेंशन (1971) के तहत 'अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची' में सूचीबद्ध किया गया है।
शेखा झील पक्षी अभयारण्य के बारे में:
- अवस्थिति: अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में।
- यह ताजे जल का बारहमासी जलाशय है। इसका अस्तित्व 1852 में ऊपरी गंगा नहर के निर्माण के बाद सामने आया था।
- प्राप्त प्रमुख पक्षी: इंडियन रिवर टर्न (स्टर्ना औरंटिया) और सारस क्रेन (ग्रूस एंटीगोन)।
- इसे बर्डलाइफ इंटरनेशनल द्वारा एक 'महत्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्र' (IBA) के रूप में नामित किया गया है।
'नेचर रिव्यूज अर्थ एंड एनवायरनमेंट' जर्नल के एक अध्ययन के अनुसार 2025 में वैश्विक सूखे ने लगभग 30% भूमि क्षेत्र को प्रभावित किया।
- अध्ययन ने रेखांकित किया कि सूखा अब केवल वर्षा की कमी से नहीं आता है, वर्तमान में यह उच्च एवैपोरेटिव डिमांड द्वारा संचालित हो रहा है।
एवैपोरेटिव डिमांड के बारे में:
- अर्थ: इसे जल की उस अधिकतम मात्रा के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जो पर्याप्त नमी उपलब्ध होने पर वाष्पित हो सकती है।
- यह वातावरण की 'संतृप्तता' को मापता है।
- कारक: यह तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और सौर विकिरण द्वारा नियंत्रित होता है।
- कार्यप्रणाली: उच्च तापमान वाष्पोत्सर्जन को बढ़ाता है। इससे पर्याप्त सिंचाई या सामान्य वर्षा के बावजूद मृदा और वनस्पति सूख जाती है।
केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए पात्रता मानदंडों का विस्तार किया है। अब इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बारे में:
- उद्देश्य: देशभर के युवाओं को शीर्ष कंपनियों में व्यवस्थित और सवेतन इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास में मदद मिले।
- प्रशिक्षुओं को प्रति माह न्यूनतम ₹9,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।
- इंटर्नशिप की अवधि: इंटर्नशिप की प्रकृति के आधार पर 6 या 9 महीने।
- लाभार्थी: 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा जो पूर्णकालिक रोजगार में नहीं हैं।
Article Sources
1 sourceकेंद्र सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) में सिंथेटिक हाइड्रोकार्बन के मिश्रण की अनुमति दी है। इससे भविष्य में विमानन ईंधन के रूप में इथेनॉल के उपयोग का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
- व्यापक रूप से जेट ईंधन के रूप में ज्ञात ATF को मुख्य रूप से कच्चे तेल को परिशोधित करके उत्पादित किया जाता है।
संधारणीय विमानन ईंधन (SAF) के बारे में:
- संधारणीय विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel) एक प्रकार का तरल ईंधन है। इसे अपशिष्ट तेल और वसा, नगरपालिका अपशिष्ट और गैर-खाद्य फसलों सहित कई स्रोतों (फीडस्टॉक) से उत्पादित किया जा सकता है।
- महत्व: यह कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 80% तक कम करता है।
- SAF को विभिन्न स्तरों पर मिश्रित किया जा सकता है। फीडस्टॉक और उत्पादन विधि के आधार पर इसकी सीमा 10% से 50% के बीच होती है।
- भारत कोर्सिया (CORSIA) मैंडेट के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2027 तक जेट ईंधन में 1 प्रतिशत SAF मिश्रित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य 2028 तक 2 प्रतिशत और 2030 तक 5 प्रतिशत हो जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय विमानन के लिए कार्बन ऑफसेटिंग और रिडक्शन योजना (CORSIA) का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन (ICAO) द्वारा किया जाता है।
- घरेलू उड़ानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के लिए अब तक कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक मसौदा पत्र जारी किया है। इसमें भारत में विदेशी नागरिकों या अनिवासी भारतीयों (NRIs) जैसे विशेष मामलों के लिए प्रीपेड वॉलेट शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है।
प्रीपेड भुगतान लिखतों (PPIs) के बारे में:
- प्रीपेड भुगतान लिखत (PPIs) ऐसे साधन (इंस्ट्रूमेंट्स) हैं जिनमें पहले से जमा पैसे के आधार पर वस्तुओं और सेवाओं की खरीद, वित्तीय सेवाओं का उपयोग और पैसे भेजने (रेमिटेंस) जैसी सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं।
- उदाहरण: डिजिटल वॉलेट।
- जारीकर्ता: इन्हें बैंकों और गैर-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा जारी किया जा सकता है।
कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि नए वित्तीय योगदान के बिना लॉस एंड डैमेज फंड समाप्त हो सकता है।
FRLD के बारे में:
- स्थापना: इसे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के तहत COP27 (शर्म अल-शेख 2022) में बनाया गया था। इसे COP28 (दुबई 2023) में कार्यात्मक बनाया गया था।
- मैंडेट: यह पहल जलवायु परिवर्तन से होने वाले आर्थिक और गैर-आर्थिक नुकसान व क्षति से निपटने में कमजोर विकासशील देशों की सहायता करती है।
- यह चरम मौसम घटनाओं और धीमी गति से घटित होने वाली घटनाओं से उबरने, पुनर्निर्माण और अनुकूलन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- कार्यप्रणाली: यह देश के नेतृत्व वाले और स्थानीय स्तर पर संचालित समाधानों को बढ़ावा देता है।
- वित्तपोषण: सरकारी योगदान, निजी क्षेत्र और नवीन तंत्रों के माध्यम से धन जुटाता है।
- इसका सचिवालय विश्व बैंक द्वारा होस्ट किया गया है। विश्व बैंक इस कोष के ट्रस्टी के रूप में भी कार्य करता है।
भारत आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को तेजी से अपनाने पर विचार कर रहा है।
फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (FFVs) के बारे में:
- FFVs संशोधित वाहन हैं। ये वर्तमान में पूरी तरह से केवल गैसोलीन या गैसोलीन और इथेनॉल के किसी भी मिश्रण (83% या E83 तक) पर चलने में सक्षम हैं।
- आधुनिक FFVs को अब इस तरह डिज़ाइन किया जा रहा है कि वे उच्च इथेनॉल मिश्रणों, जैसे E100 (शुद्ध एथेनॉल), पर भी चल सकें।
- इनमें सामान्य पेट्रोल-वाहनों की तरह ही पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन होता है। लेकिन इनमें इथेनॉल के अनुकूल फ्यूल सिस्टम और अलग प्रकार का पावरट्रेन कैलिब्रेशन होता है, जिससे ये पेट्रोल के साथ-साथ इथेनॉल मिश्रण पर भी सुचारू रूप से चल सकें।
- उच्च इथेनॉल मिश्रणों पर चलते समय ये बेहतर ऐक्सीलरेशन परफॉरमेंस दर्शाते हैं।