ये नियम केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने तैयार किए हैं। ये नियम, 'ऑनलाइन गेमिंग (संवर्धन और विनियमन) (PROG) अधिनियम, 2025' के क्रियान्वयन का ढांचा प्रदान करते हैं।
नियमों के मुख्य प्रावधान:
- भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण: इसे MeitY के एक संलग्न कार्यालय के रूप में गठित किया गया है।
- प्रधान कार्यालय: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में।
- संरचना: छह सदस्यीय। इसकी अध्यक्षता MeitY के अपर (एडिशनल) सचिव करेंगे।
- कार्य: शिकायतों की जांच करना, अनुपालन आदेश जारी करना और ऑनलाइन मनी गेम्स की सूची प्रकाशित करना।
- ऑनलाइन गेम्स का निर्धारण: ये नियम यह तय करने के लिए एक परीक्षण निर्धारित करते हैं कि कोई ऑनलाइन गेम “ऑनलाइन मनी गेम” है या नहीं।
- उदाहरण के लिए: क्या उस गेम में शुल्क का भुगतान करना होता है, और क्या उसमें पैसे जीतने की उम्मीद होती है—इन आधारों पर इसका वर्गीकरण किया जाता है।
- ऑनलाइन गेम्स का पंजीकरण: सभी ऑनलाइन गेम्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। यह केवल उन गेम्स के लिए अनिवार्य है जिन्हें उनके जोखिम, स्केल, लेन-देन, मूल स्रोत के आधार पर अधिसूचित किया गया हो। सभी ई-स्पोर्ट्स के लिए भी पंजीकरण अनिवार्य है।
- उपयोग करने वालों के लिए सुरक्षा उपाय: ये ऐसे तकनीकी, प्रक्रियात्मक, परिचालन, व्यावहारिक या सिस्टम से जुड़े उपाय करते हैं, जिन्हें इसकी ओर आकर्षित होने वालों (खासकर बच्चों) की सुरक्षा के लिए लागू किया जाता है।
- दो-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र: पीड़ित उपयोगकर्ता आंतरिक शिकायत निवारण प्रणाली (सेवा प्रदाताओं द्वारा स्थापित) में अपील कर सकते हैं।
- इसके बाद अपीलीय प्राधिकरण (सचिव, MeitY) के समक्ष अपील की जा सकती है। प्रत्येक स्तर पर शिकायतों को 30 दिनों के भीतर दूर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- दंड और प्रवर्तन: शिकायत प्राप्त होने के बाद कार्यवाही मुख्यतः डिजिटल माध्यम से की जाती है (जब तक कि शारीरिक उपस्थिति आवश्यक न हो)। साथ ही, इस प्रक्रिया को 90 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।
ऑनलाइन गेमिंग (संवर्धन और विनियमन) अधिनियम, 2025 के बारे में
|