पर्यावरणीय मंजूरी में देरी को रोकने के लिए नए निकायों का प्रस्ताव किया गया | Current Affairs | Vision IAS

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In Summary

  • पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा आयोग (MoEFCC) ने राज्य निकायों के निष्क्रिय रहने की स्थिति में पर्यावरण संबंधी मंजूरी में तेजी लाने के लिए स्थायी प्राधिकरण (SAEIA) और समिति (SCEIA) का प्रस्ताव रखा है।
  • ईआईए अधिसूचना 2006 के अनुसार, यदि एसईआईएए समय सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है, तो एसएईआईए प्रस्तावों पर कार्रवाई करता है।
  • ईआईए परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करता है; श्रेणी ए की परियोजनाएं पर्यावरण और आर्थिक संचार परिषद (एमओईसीसी) को सौंपी जाती हैं, जबकि श्रेणी बी की परियोजनाएं राज्य सरकारों को।

In Summary

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने पर्यावरण मंजूरी में तेजी लाने के लिए 'पर्यावरणीय प्रभाव आकलन पर स्थायी प्राधिकरण' (SAEIA) तथा 'पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन पर स्थायी समिति' (SCEIA) बनाने हेतु एक मसौदा अधिसूचना जारी की है।

  • कानूनी आधार: पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत जारी पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना 2006 द्वारा शासित होती है।
  • आवश्यकता: इन निकायों को स्थापित करने की आवश्यकता 'राज्य पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण' (SEIAA) के पुनर्गठन में होने वाली देरी के कारण उत्पन्न हुई है। इस देरी से राज्य स्तर पर मंजूरी प्रक्रिया रुक जाती है और लंबित प्रस्तावों को बड़ी संख्या में केंद्र के पास स्थानांतरित करना पड़ता है।

प्रस्तावित निकायों के बारे में

  • पर्यावरणीय प्रभाव आकलन पर स्थायी प्राधिकरण (SAEIA)
    • कार्य और शक्तियां: यदि SEIAA कार्यशील नहीं रहता है, तो उसके कार्यों का निर्वहन करना।
    • यदि SEIAA निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर किसी मंजूरी पर अपना निर्णय देने में विफल रहता है, तो प्रस्ताव परिवेश (PARIVESH) पोर्टल के माध्यम से स्वतः SAEIA को भेज दिया जाएगा। 
  • पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन पर स्थायी समिति (SCEIA)
    • गठन: केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य/संघ राज्यक्षेत्र के लिए।
    • कार्य: जब भी 'राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति' (SEAC) कार्यशील न हो, तो उसके कार्यों का निर्वहन करना।

पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) क्या है?

  • EIA निर्णय लेने का एक उपकरण है, जो किसी प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का पूर्वानुमान लगाता है। यह आर्थिक एवं पर्यावरणीय लागतों और लाभों के बीच सर्वोत्तम संतुलन वाले विकल्प की पहचान करने के लिए विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन करता है।
  • EIA के तहत परियोजनाओं को निम्नलिखित दो श्रेणियों में बांटा गया है:
    • श्रेणी 'A': ये परियोजनाएं मंजूरी के लिए पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) के पास जाती हैं।
    • श्रेणी 'B': ये परियोजनाएं मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास जाती हैं, जिन्हें आगे B1 और B2 परियोजनाओं में वर्गीकृत किया जाता है।

 

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राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (SEAC)

यह एक राज्य-स्तरीय समिति है जो पर्यावरण संबंधी प्रस्तावों का तकनीकी मूल्यांकन करती है। SCEIA को इसके कार्य न करने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

राज्य पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA)

यह एक राज्य-स्तरीय निकाय है जो विशिष्ट परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। इसके पुनर्गठन में देरी के कारण SAEIA की आवश्यकता महसूस की गई है।

परिवेश (PARIVESH) पोर्टल

यह एक ऑनलाइन पोर्टल है जो पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा संचालित किया जाता है। यह पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को केंद्रीकृत और पारदर्शी बनाने में मदद करता है।

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