केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 तक चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि इसकी घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।
- विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने निर्यात नीति को 'निषिद्ध' (Restricted) से बदलकर 'प्रतिबंधित' (Prohibited) कर दिया है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय के बारे में
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत एक संबद्ध कार्यालय।
- प्रमुख: विदेश व्यापार महानिदेशक।
- कार्य: भारत की विदेश व्यापार नीति तैयार करना और उसे लागू करना।
- भूमिका: देश के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्यात/ आयात को बढ़ावा देना और सुगम बनाना।
- मुख्यालय: नई दिल्ली और पूरे भारत में 24 क्षेत्रीय कार्यालय।
Article Sources
1 sourceकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर आधारित सड़क परियोजनाएं शुरू कर रहा है।
BOT मॉडल के बारे में
- यह एक प्रकार का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल है। इसका उपयोग आमतौर पर बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
- कार्य तंत्र: इसके अंतर्गत निजी कंपनी एक निश्चित रियायती अवधि के लिए परियोजना का वित्तपोषण, डिजाइन, निर्माण और संचालन करती है और उपयोगकर्ता शुल्क (टोल आदि) एकत्र करती है।
- इसमें लंबी अवधि के लिए निर्माण, संचालन और रखरखाव में निजी क्षेत्रक की प्रभावी भागीदारी शामिल होती है।
- स्वामित्व का हस्तांतरण: रियायती अवधि समाप्त होने के बाद, परियोजना का स्वामित्व पुनः सरकार/ लोक प्राधिकरण (पब्लिक अथॉरिटी) को हस्तांतरित कर दिया जाता है।
- जोखिमों को साझा करना: इसमें निजी संस्था प्रमुख जोखिमों को वहन करती है जैसे- कि वित्तीय जोखिम, यातायात कम होने/ राजस्व कम होने का जोखिम और कभी-कभी मूल्य निर्धारण संबंधी जोखिम।
भारत-कोरिया गणराज्य व्यापक ढांचे 'VOYAGES' के तहत तमिलनाडु के थूथुकुडी में भारत के पहले मेगा ग्रीनफील्ड शिपयार्ड को विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
- प्रस्तावित शिपयार्ड की वार्षिक क्षमता 2.5 मिलियन ग्रॉस टनेज (GT) होगी और यह 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगा।
'VOYAGES' के बारे में
- VOYAGES से आशय है; शेयर्ड विज़न फॉर ऑपरेशन ऑफ यार्ड असिस्टेड ग्रोथ विद एफिशिएंसी एंड स्केल।
- अप्रैल 2026 में हस्ताक्षरित, यह समझौता प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, हरित जहाज निर्माण और दक्षिण कोरिया में भारतीय पेशेवरों के प्रशिक्षण के माध्यम से जहाज निर्माण, शिपिंग और समुद्री लॉजिस्टिक में भारत-दक्षिण कोरिया सहयोग को बढ़ावा देता है।
भारत के जहाज निर्माण क्षेत्रक का अवलोकन
- वैश्विक स्थिति: जहाज निर्माण क्षेत्रक में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी 1% से भी कम है, जो चीन (47%), दक्षिण कोरिया (25%) और जापान (18%) से काफी पीछे है।
- पुराने बेड़े: भारतीय बेड़ों (फ्लीट्स) की औसत आयु 21 वर्ष है, जिससे लगभग 2,500 नए जहाजों की मांग उत्पन्न हो रही है।
- बाजार में वृद्धि: इस क्षेत्रक के 90 मिलियन अमेरिकी डॉलर (2022) से बढ़कर 2033 तक 8.12 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
Article Sources
1 sourceहाल ही में,पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) और मिजोरम सरकार ने मिजोरम अदरक मिशन शुरू किया। इसका उद्देश्य मिजोरम के GI-प्रमाणित अदरक की खेती को बढ़ावा देना है।
अदरक के बारे में
- वैज्ञानिक नाम: ज़िंगिबर ऑफिसिनेल रोस्क (Zingiber officinale Rosc.) (फैमिली: ज़िंगिबेरेसी)।
- उत्पादन में भारत की स्थिति: भारत अदरक का अग्रणी वैश्विक उत्पादक है।
- प्रमुख उत्पादक राज्य: मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश।
आदर्श कृषि-जलवायु दशाएं
- जलवायु: उष्ण और आर्द्र (1500 मीटर की ऊंचाई तक)।
- तापमान: 12–35 °C.
- वर्षा: बुवाई के लिए मध्यम वर्षा (लगभग 1500 मिलीमीटर वार्षिक) और फसल तैयार होने से पहले शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है।
- मृदा: अच्छी जल निकासी युक्त भुरभुरी बलुई दोमट, चिकनी दोमट, या ह्यूमस से प्रचुर लेटराइट दोमट मृदा।
महत्व
- एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी (एंटी-इंफ्लेमेटरी) गुण।
- मतली का इलाज करने; रक्त शर्करा (HbA1c) और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित बनाए रखने में अत्यधिक प्रभावी।
Article Sources
1 sourceहाल ही में, भारत की पहली अल्जाइमर रोग थेरेपी डोनानेमैब (donanemab) की शुरुआत की गई।
अल्जाइमर रोग के बारे में
- परिभाषा: यह मस्तिष्क का एक सतत विकार है और डिमेंशिया का सबसे आम कारण (60-70% मामले) है।
- डिमेंशिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें याददाश्त, सोचने और व्यवहार क्षमता में कमी आती है जिससे दैनिक जीवन के कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।
- कारण: यह आनुवंशिकी, जीवन शैली और बढ़ती उम्र जैसे कारणों से होता है।
असम ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को पहली बार वैध रूप से अगरवुड चिप्स भेजी।
अगरवुड (ओद या गहरु) के बारे में
- परिचय: यह अत्यधिक मूल्यवान सुगंधित रालयुक्त लकड़ी है। इसका उपयोग इत्र बनाने तथा धूप और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में होता है।
- निर्माण: यह तब उत्पन्न होता है जब एक्वाइलेरिया प्रजाति का वृक्ष कवक (fungi) से संक्रमित हो जाते हैं और एक प्रतिरक्षा तंत्र के रूप में राल (resin) उत्पन्न करते हैं।
- भारत में प्रजातियां: भारत में एक्वाइलेरिया की तीन प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें अगरवुड उत्पादक 'एक्वाइलेरिया खासियाना' और 'एक्वाइलेरिया मलाकेंसिस' शामिल हैं।
- पारंपरिक उपयोग: आयुर्वेद, यूनानी और चीनी चिकित्सा पद्धतियों में इसका उल्लेख है।
- संरक्षण स्थिति:
- CITES के परिशिष्ट II में सूचीबद्ध।
- IUCN रेड लिस्ट: एक्वाइलेरिया मलाकेंसिस को क्रिटिकली एंडेंजर्ड के रूप में वर्गीकृत किया गया है।