‘लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (LEADS)’ 2025 रिपोर्ट जारी की गई | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

वर्ष 2025 की रिपोर्ट LEADS का सातवां संस्करण है। LEADS राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाली एक प्रमुख रिपोर्ट है। इसे भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी किया जाता है।

  • LEAPS 2025 पुरस्कार: इस अवसर पर 'लॉजिस्टिक्स एक्सीलेंस, एडवांसमेंट एंड परफॉर्मेंस शील्ड' (LEAPS) पुरस्कार भी दिए गए। ये पुरस्कार कुल 13 श्रेणियों में प्रदान किए गए जिनमें मूल लॉजिस्टिक्स, MSMEs, स्टार्टअप्स और विशेष श्रेणियां शामिल हैं। 

LEADS रिपोर्ट के बारे में

  • शुरुआत: इसे 2018 में विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) की तर्ज पर तैयार किया गया था।
  • नया ढांचा: LEADS 2025 में अब चार-स्तरीय  प्रदर्शन ढांचा शामिल किया गया है। पहले की रिपोर्टों में त्रिस्तरीय प्रदर्शन मानदंड अपनाया गया था।
  • मूल्यांकन के पैमाने (संकेतक): इसमें वस्तुनिष्ठ संकेतकों को लगभग 59% भारांश दिया गया है। जैसे कि विनियामकीय सहायता और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं
  • साथ ही, धारणा आधारित संकेतकों (Perception Indicators) को भी शामिल किया गया है, जैसे— लॉजिस्टिक्स अवसंरचना, सेवाएँ और सतत लॉजिस्टिक्स

भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

  • लॉजिस्टिक्स लागत: वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लॉजिस्टिक्स लागत GDP का लगभग 8% है।
  • प्रमुख चुनौतियां:
    • अवसंरचना की कमियां: खराब सड़कें, बंदरगाहों पर अधिक यातायात और सभी जगह रेल संपर्क नहीं होना, आदि।
    • परिवहन के लिए सड़क मार्ग पर अधिक निर्भरता: भारत में 60% से अधिक माल ढुलाई सड़कों के माध्यम से होती है। इससे ईंधन की खपतट्रैफिक जाम और परिवहन लागत में बढ़ोतरी होती है।
    • असंगठित क्षेत्र: लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक में छोटे ऑपरेटरों/कंपनियों का दबदबा है, जिससे परिचालन में अक्षमता उत्पन्न होती है।
    • अन्य चुनौतियां: जटिल विनियामक प्रक्रियाएं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की धीमी गति।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख पहलें

  • राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) 2022: इसका लक्ष्य लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करके अन्य विकसित देशों के बराबर लाना है।
  • पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: यह एकीकृत अवसंरचना मास्टर प्लान है, जिसका उद्देश्य लोगों और वस्तुओं की निर्बाध तथा तेज आवाजाही सुनिश्चित करना है।
  • लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक 2.0: यह यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफ़ेस प्लेटफ़ॉर्म (ULIP) की APIs (अप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस) के साथ समन्वय करता है। इससे निर्यातकों और MSMEs को सड़क, रेल, समुद्र आदि के माध्यम से वस्तुओं के परिवहन की रियल-टाइम जानकारी और ट्रैकिंग सुविधा मिलती है।
  • अन्य पहलें: समर्पित मालभाड़ा गलियारा (DFCs) परियोजनाएं ; मल्टीमॉडल और एकीकृत लॉजिस्टिक्स प्रणाली सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम (SMILE); मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP); ई-वे बिल सिस्टम; लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक को अवसंरचना का दर्जा; लॉजिस्टिक्स दक्षता संवर्धन कार्यक्रम, आदि।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

Dedicated Freight Corridors (DFCs)

High-speed railway corridors exclusively for freight transportation, designed to decongest existing railway networks and expedite the movement of goods.

APIs

Active Pharmaceutical Ingredients. These are the biologically active components of a drug that produce the intended therapeutic effect. Dependence on imports for APIs can pose a risk to public health and national security.

Unified Logistics Interface Platform (ULIP)

A platform designed to integrate various logistics-related services and data, providing real-time visibility and improving efficiency for stakeholders, including exporters and MSMEs.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet