वर्ष 2025 की रिपोर्ट LEADS का सातवां संस्करण है। LEADS राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों का लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाली एक प्रमुख रिपोर्ट है। इसे भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी किया जाता है।
- LEAPS 2025 पुरस्कार: इस अवसर पर 'लॉजिस्टिक्स एक्सीलेंस, एडवांसमेंट एंड परफॉर्मेंस शील्ड' (LEAPS) पुरस्कार भी दिए गए। ये पुरस्कार कुल 13 श्रेणियों में प्रदान किए गए जिनमें मूल लॉजिस्टिक्स, MSMEs, स्टार्टअप्स और विशेष श्रेणियां शामिल हैं।
LEADS रिपोर्ट के बारे में
- शुरुआत: इसे 2018 में विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) की तर्ज पर तैयार किया गया था।
- नया ढांचा: LEADS 2025 में अब चार-स्तरीय प्रदर्शन ढांचा शामिल किया गया है। पहले की रिपोर्टों में त्रिस्तरीय प्रदर्शन मानदंड अपनाया गया था।
- मूल्यांकन के पैमाने (संकेतक): इसमें वस्तुनिष्ठ संकेतकों को लगभग 59% भारांश दिया गया है। जैसे कि विनियामकीय सहायता और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं।
- साथ ही, धारणा आधारित संकेतकों (Perception Indicators) को भी शामिल किया गया है, जैसे— लॉजिस्टिक्स अवसंरचना, सेवाएँ और सतत लॉजिस्टिक्स।
भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
- लॉजिस्टिक्स लागत: वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लॉजिस्टिक्स लागत GDP का लगभग 8% है।
- प्रमुख चुनौतियां:
- अवसंरचना की कमियां: खराब सड़कें, बंदरगाहों पर अधिक यातायात और सभी जगह रेल संपर्क नहीं होना, आदि।
- परिवहन के लिए सड़क मार्ग पर अधिक निर्भरता: भारत में 60% से अधिक माल ढुलाई सड़कों के माध्यम से होती है। इससे ईंधन की खपत, ट्रैफिक जाम और परिवहन लागत में बढ़ोतरी होती है।
- असंगठित क्षेत्र: लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक में छोटे ऑपरेटरों/कंपनियों का दबदबा है, जिससे परिचालन में अक्षमता उत्पन्न होती है।
- अन्य चुनौतियां: जटिल विनियामक प्रक्रियाएं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की धीमी गति।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्रक को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख पहलें
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