IBM और 'इंडियाAI' की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की AI रणनीति अब 'सॉवरेन क्लाउड' (sovereign cloud) और 'सॉवरेन AI' के उदय से स्पष्ट रूप से प्रभावित हो रही है, जिन्हें मूलभूत सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है।
- रिपोर्ट में रेखांकित किया गया कि AI वर्ष 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 500 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दे सकता है। साथ ही, 83% भारतीय AI स्टार्टअप्स पहले से उपलब्ध मॉडलों को अपनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सॉवरेन AI के बारे में
- सॉवरेन AI का अर्थ है किसी देश की वह क्षमता, जिसके तहत वह अपनी घरेलू अवसंरचना, राष्ट्रीय डेटा और स्वदेशी विशेषज्ञों/कार्यबल का उपयोग करके AI प्रणालियों का निर्माण, विकास और विनियमन स्वयं कर सके।
- इंडियाAI मिशन: वर्ष 2024 में शुरू किया गया यह मिशन सॉवरेन AI को बढ़ावा देता है। इसके तहत साझा राष्ट्रीय AI कंप्यूट अवसंरचना का विकास, स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल या लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के निर्माण हेतु इंडियाAI इनोवेशन केंद्र की स्थापना, तथा इंडियाAI डेटासेट्स प्लेटफॉर्म (AI कोश) जैसी पहलें शामिल हैं।
- भारतीय सॉवरेन AI मॉडल: इनमें शामिल हैं; सर्वम AI के मॉडल, Gnani.ai द्वारा विकसित 'वचन' (टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल), और भारतजेन का 'परम2 17B'।
सॉवरेन AI का महत्व
- डेटा संप्रभुता: यह डेटा के स्थानीय स्तर पर भंडारण, डेटा की गोपनीयता (प्राइवेसी) और डेटा उपयोग के लिए सहमति लेने से संबंधित नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है। इससे नागरिकों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संवेदनशील डेटा पर देश का नियंत्रण बना रहता है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: यह साइबर प्रणालियों की मजबूती और अति-महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- रणनीतिक स्वायत्तता स्थापित करने में सहायक: यह विदेशी एआई प्लेटफॉर्मों और प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता को कम करता है।
- विश्वसनीय AI प्रणाली का निर्माण: यह बैंकिंग, स्वास्थ्य-देखभाल सेवा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रकों में सुरक्षित तरीके से डेटा साझा करने और सुरक्षित क्लाउड अवसंरचना जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।
- समावेशी AI का विकास: यह स्थानीय भाषाओं और स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखकर AI को और अधिक प्रासंगिक और उपयोगी बनाता है।
