वर्तमान में, देश में सात स्थलों पर 25 परमाणु रिएक्टर्स संचालित हैं। इनकी कुल परमाणु ऊर्जा स्थापित क्षमता 8.8 गीगावाट (GW) है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- क्षमता विस्तार: बड़े दाबित भारी जल रिएक्टर्स (PHWRs) को निरंतर और स्थिर बिजली आपूर्ति (बेस लोड पावर) का मुख्य आधार बनाना होगा। वहीं, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) का उपयोग इस्पात और सीमेंट जैसे उन क्षेत्रकों में किया जाएगा जहाँ कार्बन उत्सर्जन कम करना कठिन है (hard-to-abate) है।
- स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लघु रूप हैं। ये रिएक्टर्स प्रति मॉड्यूल 300 मेगावाट तक विद्युत उत्पन्न करते हैं। इन रिएक्टर्स के निम्नलिखित लाभ हैं –
- मॉड्यूलर संरचना: कारखानों में बने हिस्सों के कारण इन्हें शीघ्र जोड़ा जा सकता है और लागत कम होती है।
- क्षमता विस्तार की सुविधा: ऊर्जा की बढ़ती मांग के अनुसार इनकी क्षमता चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जा सकती है।
- बेहतर सुरक्षा: इनमें पैसिव सुरक्षा प्रणाली होती है, जिससे किसी आपात स्थिति में इंसानों के बिना हस्तक्षेप के स्वतः शटडाउन संभव होता है।
- स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लघु रूप हैं। ये रिएक्टर्स प्रति मॉड्यूल 300 मेगावाट तक विद्युत उत्पन्न करते हैं। इन रिएक्टर्स के निम्नलिखित लाभ हैं –
- बड़े पैमाने पर निवेश जुटाने की आवश्यकता: परमाणु ऊर्जा की स्थापित क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग ₹23-25 लाख करोड़ के अनुमानित पूंजीगत व्यय की आवश्यकता होगी।
- कार्यबल का विस्तार: केवल निर्माण चरण में ही 1.2–2 लाख कर्मियों की आवश्यकता होगी, जिसके लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण में बड़े स्तर पर प्रयास करने होंगे।
भारत के समक्ष चुनौतियां
- स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स के उपयोग और निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए वर्तमान विनियामक व्यवस्था पुरानी पड़ चुकी है।
- शांति अधिनियम / SHANTI Act (2025) में ऐसे रिएक्टर्स के परिचालन पर स्पष्ट नियमों, परियोजना के स्वामित्व और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर वित्तीय मॉडल पर स्पष्टता का अभाव है।
- उच्च पूंजीगत लागत (₹20-25 करोड़ प्रति मेगावाट), परमाणु ईंधन के लिए आयात पर अधिक निर्भरता और परमाणु अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी समस्याएं हैं।
- विशिष्ट कौशल वाले कर्मियों की कमी है। लोगों के मन में परमाणु ऊर्जा के खतरों को लेकर अभी भी आशंकाएं विद्यमान हैं।
रिपोर्ट में की गईं प्रमुख सिफारिशें
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