हाल ही में, भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा 'इलेक्ट्रिक यात्री कारों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना' के लिए दिशा-निर्देश अधिसूचित किए गए।
उद्देश्य
मुख्य विशेषताएं
वैश्विक EV विनिर्माताओं से निवेश आकर्षित करना और भारत को ई-वाहनों के विनिर्माण गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना।
यह योजना भारत को इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण के लिए वैश्विक पटल पर लाने, रोजगार सृजन करने और "मेक इन इंडिया" के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी मदद करेगी।
मंत्रालय: भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries: MHI)।
PMA से तात्पर्य भारत सरकार द्वारा उसकी ओर से कार्य करने के लिए नियुक्त कोई अन्य प्राधिकरण/ प्राधिकरणों या वित्तीय संस्थान/ संस्थाओं) से है।
कार्यकाल: 5 वर्ष या अधिसूचित अवधि अनुसार।
पात्र निवेश: पूरे भारत में नए संयंत्रों, मशीनरी, चार्जिंग अवसंरचना, उपकरण और संबंधित यूटिलिटीज पर किया गया व्यय।
सेकेंड हैंड/ नवीनीकृत संयंत्र, मशीनरी आदि पर किया गया व्यय पात्र नहीं होगा।
पात्रता: आवेदक या उसकी समूह कंपनियों को योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
नवीनतम लेखापरीक्षित वित्तीय विवरणों के अनुसार, ऑटोमोटिव विनिर्माण से वैश्विक राजस्व अनिवार्य रूप से कम-से-कम 10,000 करोड़ रुपये होना चाहिए।
कंपनी या उसके समूह के पास कम-से-कम 3,000 करोड़ रुपये का वैश्विक अचल परिसंपत्ति निवेश (ग्रोस ब्लॉक) अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
भारत में 3 वर्षों में कम-से-कम निवेश प्रतिबद्धता 4,150 करोड़ रुपये (लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर) अनिवार्य है।
भारत में निवेश प्रतिबद्धता की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
कंपनी को 3 वर्षों के भीतर कम-से-कम 25% घरेलू मूल्य वर्धन हासिल करना होगा।
अनुमोदन की तिथि से 5 वर्ष के भीतर 50% घरेलू मूल्य वर्धन हासिल करना होगा।
आवेदक द्वारा विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने और घरेलू मूल्य वर्धन (DVA) को पूरा करने की प्रतिबद्धता भारत में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक से बैंक गारंटी द्वारा समर्थित होगी।
प्रदर्शन मानदंड: सभी इलेक्ट्रिक यात्री वाहन उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) ऑटो योजना के प्रदर्शन मानदंडों को पूरा करेंगे।
लाभ:
आवेदक को इस योजना के अनुसार शर्तों के अधीन 15% की कम सीमा शुल्क दर पर इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर्स (e-4W) की पूर्णतः विनिर्मित इकाई या पूरी तरह से असेंबल्ड यूनिट्स (CUBs) को आयात करने की अनुमति होगी।
CBU एक ऐसा वाहन है, जो पूरी तरह से असेंबल्ड रूप में होता है।
उपर्युक्त कम शुल्क दर पर आयात की जाने वाली इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर्स (e-4W) की अधिकतम संख्या प्रति वर्ष 8,000 तक सीमित होगी।
15% की कम सीमा शुल्क दर कुल 5 वर्षों के लिए लागू होगी।