- यह स्वदेशी ‘त्वरित प्रतिक्रिया वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Quick Reaction Surface-to-Air Missile-QRSAM)’ प्रणाली है।
- विकासकर्ता: DRDO ने इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के सहयोग से विकसित किया है।
- क्षमताएं: लगभग 30 किलोमीटर की रेंज वाली, अत्यधिक गतिशील और सतर्क प्रणाली।
- समन्वय के आधार पर कार्रवाई में सक्षम: यह MR-SAM, आकाश, स्पाइडर और सुदर्शन S-400 प्रणालियों के साथ समन्वय में कार्य करती है।
- तैनाती: स्वीकृति मिलने पर इसे देश की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर तैनात किया जाएगा।
भारतीय थल सेना ने स्वदेशी रूप से विकसित सक्षम/ SAKSHAM काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (CUAS) ग्रिड सिस्टम की खरीद शुरू कर दी है।
- सक्षम/ SAKSHAM: सिचुएशनल अवेयरनेस फॉर काइनेटिक सॉफ्ट एंड हार्ड किल एसेट्स मैनेजमेंट।
सक्षम (SAKSHAM) प्रणाली के बारे में:
- यह एक मॉड्यूलर और उन्नत कमांड एंड कंट्रोल (C2) प्रणाली है, जो सुरक्षित आर्मी डेटा नेटवर्क (ADN) पर काम करती है।
- यह प्रणाली दुश्मन के ड्रोन और अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (मानव रहित हवाई प्रणालियों) को रीयल-टाइम में पहचानने, ट्रैक करने और निष्क्रिय करने में सक्षम है। इससे नए परिभाषित टैक्टिकल बैटलफील्ड स्पेस (TBS) में वायु क्षेत्र की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- TBS वह क्षेत्र है, जो जमीन से लगभग 3,000 मीटर (10,000 फीट) की ऊंचाई तक फैला होता है।
- इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के सहयोग से विकसित किया गया है।
डेनमार्क में संदिग्ध रूसी ड्रोन देखे जाने के बाद यूरोपीय संघ ने ‘ड्रोन वॉल’ बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
ड्रोन वॉल के बारे में
- यह AI आधारित बहुस्तरीय ड्रोन-डिफेंस प्रणाली है। इसे एयरशील्ड (Eirshield) कहा जाता है। यह एंटी-ड्रोन प्लेटफॉर्म है।
- इसे हथियारों से लैस तेज गति से उड़ने वाले मानवरहित लक्ष्यों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- यह ड्रोन घुसपैठ, GPS जैमिंग और अन्य अपरंपरागत हमलों के खिलाफ अर्ली वार्निंग, रियल टाइम में खतरे का पता लगाने और खुफिया जानकारी प्रदान करता है।
Article Sources
1 sourceभारतीय नौसेना ने नेवल डॉकयार्ड विशाखापत्तनम में INS एंड्रोथ को शामिल किया।
INS एंड्रोथ के बारे में
- यह INS अर्नाला के बाद दूसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है।
- यह गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE), कोलकाता द्वारा बनाए जा रहे 8 ASW-SWC में से एक है।
- इसका नाम लक्षद्वीप के सबसे उत्तरी द्वीप ‘एंड्रोथ’ के नाम पर रखा गया है।
- क्षमताएं
- समुद्र में निगरानी,
- खोज और बचाव,
- तटीय और एंटी-सबमरीन रक्षा मिशन
- सामान्य समुद्री अभियान।
Article Sources
1 source- पैसिफिक रीच अभ्यास: यह प्रत्येक दो वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला बहुराष्ट्रीय पनडुब्बी बचाव सैन्य अभ्यास है। इसमें 40 से अधिक राष्ट्र भाग लेते हैं।
- मेजबान देश: सिंगापुर
- कोंकण-25 अभ्यास: यह भारतीय नौसेना और यूनाइटेड किंगडम की रॉयल नेवी के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय अभ्यास था।
- ऑस्ट्राहिंद (AUSTRAHIND) 2025: यह भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास था।
- समुद्र शक्ति अभ्यास: यह भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है।
- JAIMEX-2025: यह भारतीय नौसेना और जापान की नौसेना (जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेन्स फाॅर्स- JMSDF) के बीच प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित होने वाला नौसैनिक अभ्यास है।
- ओशन स्काई अभ्यास: यह स्पेनिश वायु सेना द्वारा आयोजित एक बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है।
- यह पहली बार था जब किसी गैर-नाटो देश (भारत) ने इस अभ्यास में भाग लिया।