सुर्ख़ियों में क्यों?
सरकार ने 'खेलो भारत नीति 2025' के तहत 'खेल प्रशासकों के क्षमता निर्माण' पर एक टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट खेल विभाग को सौंप दी है।
अन्य संबंधित तथ्य
- इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने की।
- इसका उद्देश्य खेल प्रशासन में सुधार लाना तथा वर्ष 2036 तक भारत को शीर्ष 10 खेल राष्ट्रों में शामिल करना और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लक्ष्य को समर्थन प्रदान करना है।
मुख्य निष्कर्ष
- खेल प्रशासकों के एक पेशेवर कैडर का अभाव है और कमजोर संस्थागत निरंतरता है।
- खेल प्रशासकों के लिए बिखरे हुए और पुराने प्रशिक्षण अवसर हैं, जिसमें दक्षताओं या निरंतर व्यावसायिक विकास पर सीमित ध्यान दिया गया है।
- प्रशासनिक क्षमताएं विकसित करने में वर्तमान खेल शिक्षा में कमियां हैं, जिससे स्नातकों के पास पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) की सीमित जागरूकता होती है। इससे राष्ट्रीय, राज्य और संस्थागत संरचनाओं के परस्पर संबंधों का पर्याप्त ज्ञान नहीं हो पाता है।
- खिलाड़ियों के लिए खेल प्रशासन व्यवस्था में शामिल होने के लिए स्पष्ट संरचना का अभाव है। अधिकांश खिलाड़ी अपने खेल करियर से प्रशासनिक भूमिकाओं में बदलाव के लिए आवश्यक कौशल से युक्त नहीं हैं।
- प्रशासन में डिजिटल उपकरणों और विश्लेषणात्मक तकनीकों का न्यूनतम उपयोग।
आगे की राह: परिवर्तन हेतु सिफारिशें
- सांविधिक शासन निकायों की स्थापना
- राष्ट्रीय खेल शिक्षा एवं क्षमता निर्माण परिषद : खेल मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त सांविधिक निकाय के रूप में यह खेल प्रशासन प्रशिक्षण को विनियमित, मान्यता प्रदान और प्रमाणित करेगा।
- राष्ट्रीय प्रशिक्षण और विकास प्रकोष्ठ: यह भारत-विशिष्ट पाठ्यक्रम संचालित करने, प्रशासकों की रजिस्ट्री का प्रबंधन करने, 'ई-खेल पाठशाला' डिजिटल मंच की देखरेख करने, परिणामों की निगरानी करने तथा वैश्विक संस्थानों के साथ साझेदारी के लिए संचालनात्मक इकाई होगा।
- ई-खेल पाठशाला डिजिटल प्लेटफार्म : भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा जमीनी स्तर पर शिक्षकों और सामुदायिक प्रशिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करने हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म।
- राष्ट्रीय दक्षता फ्रेमवर्क का क्रियान्वयन
- पांच-स्तरीय क्षमता परिपक्वता मॉडल: जिला स्तर से राज्य, राष्ट्रीय, संस्थागत और वैश्विक स्तर तक प्रशासकों के लिए करियर विकास के मार्ग के रूप में।
- प्रशासनिक तंत्र का व्यवसायीकरण
- विशिष्ट प्रशासक आईडी (UAID): व्यावसायिक विकास को ट्रैक करने के लिए UAID से जुड़ी एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पदोन्नति मापने योग्य कौशल प्राप्ति पर आधारित हो।
- दोहरी खिलाड़ी करियर योजना: ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे खिलाड़ी अपने सक्रिय खेल जीवन के दौरान खेल प्रदर्शन के साथ-साथ नेतृत्व से जुड़ी शिक्षा भी प्राप्त कर सकें और उन्हें "स्पोर्ट्समैन ऑफ मेरिट" का प्रमाणपत्र दिया जाए।
- उदाहरण: जिम्बाब्वे की तैराक किर्स्टी कोवेंट्री अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की पहली महिला अध्यक्ष भी बनीं।
- प्रदर्शन प्रबंधन और निगरानी प्रणाली: प्रशासकों का मूल्यांकन खिलाड़ियों की तरह ही कठोरता से करना और प्रदर्शन को प्रोत्साहन व करियर विकास से जोड़ना।
- अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC), फीफा आदि वैश्विक निकायों के साथ पाठ्यक्रम निर्माण एवं वरिष्ठ नेतृत्व को अंतर्राष्ट्रीय अनुभव प्रदान करने हेतु सहयोग स्थापित किया जाए।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: डिजिटल उपकरणों और खेल विज्ञान के एकीकरण से खेल प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
संबंधित सुर्खियांराष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026हाल ही में सरकार ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 अधिसूचित किए।
नियमों के बारे में
![]() राष्ट्रीय खेल बोर्ड (NSB)केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल बोर्ड (खोज-सह-चयन समिति) नियम, 2026 अधिसूचित किए। नियमों की प्रमुख विशेषताएं
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