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जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission - JJM)

30 Apr 2026
1 min

In Summary

  • 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन (जेजेएम) का उद्देश्य 55 एलपीसीडी (एलपीसीडी) के सभी ग्रामीण घरों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान करना है, जिसका विस्तार दिसंबर 2028 तक स्वीकृत किया गया है।
  • प्रमुख विशेषताओं में पानी समितियों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी, जल गुणवत्ता निगरानी, ​​केआरसी और नल जल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से क्षमता निर्माण, और जेई/एईएस प्रभावित जिलों और दूषित भूजल क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
  • महत्वपूर्ण प्रगति से पता चलता है कि नल के पानी की उपलब्धता 2019 में 16.7% से बढ़कर 2026 तक लगभग 81.8% हो जाएगी, और एक कार्यात्मक मूल्यांकन उच्च कवरेज और पानी की उपलब्धता को दर्शाता है।

In Summary

सुर्खियों में क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वभौमिक ग्रामीण नल जल कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जल जीवन मिशन (JJM) के विस्तार को दिसंबर 2028 तक मंजूरी दे दी है।

योजना के उद्देश्य

प्रमुख विशेषताएं

  • प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 55 LPCD (लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) के साथ कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान करना, जिससे 'हर घर जल' सुनिश्चित हो सके।
  • स्कूलों, आंगनवाड़ियों, ग्राम पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों में कार्यात्मक नल कनेक्शन प्रदान करना।
  • नकद, वस्तु या श्रमदान के माध्यम से योगदान देकर स्थानीय समुदाय के बीच स्वैच्छिक स्वामित्व को बढ़ावा देना। 
  • सुरक्षित पेयजल के महत्व और इसके विभिन्न पहलुओं के प्रति जनता में जागरूकता लाना। 
  • दक्षता और संसाधन उपयोग को अधिकतम करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (SBM), मनरेगा (MGNREGA) और SBM-ग्रामीण जैसे अन्य सरकारी कार्यक्रमों के साथ समन्वय स्थापित करना।
  • शुभारंभ: वर्ष 2019 में 
  • मंत्रालय: जल शक्ति मंत्रालय
  • प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है। 
  • वित्तीय व्यवस्था: फंड का आवंटन केंद्रीय निधि के उपयोग और राज्यों के समान आनुपातिक हिस्से की उपलब्धता पर आधारित है।
  • प्रोत्साहन: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके 'कार्यक्षमता मूल्यांकन सर्वेक्षण' के प्रदर्शन के आधार पर अनुदान मिलता है।
  • निगरानी तंत्र: पारदर्शिता के लिए एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (IMIS) और JJM-डैशबोर्ड स्थापित किए गए हैं। 
  • विकेंद्रीकृत नियोजन: इसके अंतर्गत ग्राम कार्य योजना (VAP) का निर्माण किया जाता है, जो जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण, धूसर जल (Grey water) के पुनर्चक्रण और जलापूर्ति प्रणालियों के संचालन एवं रखरखाव पर केंद्रित है।
  • पानी समितियां: पानी समितियां या ग्राम जल और स्वच्छता समितियां (VWSCs) गांव की जल आपूर्ति प्रणाली के नियमित संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं।
  • जल गुणवत्ता निगरानी: स्रोत और वितरण बिंदुओं पर पानी के नमूनों के नियमित परीक्षण को बढ़ावा दिया जाता है। किफायती दरों पर प्रयोगशालाओं तक आम जन की पहुँच सुनिश्चित की गई है।
  • महिला भागीदारी और क्षमता निर्माण: पानी समितियों में कम से कम 50% महिलाएं सदस्य होंगी। इसके साथ ही, फील्ड टेस्ट किट (FTK) का उपयोग करके जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रति गांव न्यूनतम पांच महिलाओं को प्रशिक्षित करने का प्रावधान है।
  • प्रमुख संसाधन केंद्र (KRCs): क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थानों, थिंक टैंकों और प्रशिक्षण संस्थानों को KRC के रूप में शामिल किया गया है।
  • नेशनल वॉश एक्सपर्ट (NWEs): राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता और गुणवत्ता केंद्र राज्यों को ऑन-ग्राउंड सत्यापन और तकनीकी सहायता के लिए नेशनल वॉश एक्सपर्ट्स को पैनल में शामिल और तैनात करता है। 
  • NWEs रेटिंग: ये विशेषज्ञ JJM कार्यान्वयन की स्थिति के आधार पर गांवों को स्टार रेटिंग और राज्यों को फीडबैक प्रदान करते हैं।

प्राथमिकता वाले क्षेत्र:

  • जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान। 
  • वे क्षेत्र जहाँ भू-जल में आर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन और भारी धातुओं जैसे भू-जैविक (Geo-genic) संदूषकों की उपस्थिति है।
  • गैर-राजस्व जल को कम करना: यह उस जल की मात्रा को नियंत्रित करना जो उत्पादन के बाद वितरण प्रणाली में नष्ट हो जाता है या जिसका लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं होता। 

प्रमुख पहलें:

  • रूरल वॉश पार्टनर्स फोरम (RWPF): तकनीकी, ज्ञान उत्पाद विकास और सूचना साझाकरण के माध्यम से वाश (WASH) क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना। 
  • नल जल मित्र कार्यक्रम (NJMP): इसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को "नल जल मित्र" के रूप में प्रशिक्षित करना है, ताकि उन्हें अपने गांवों में पाइप से जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव और मरम्मत के कौशल से लैस किया जा सके।

प्रगति और उपलब्धियाँ:

  • कवरेज: नल के जल का कवरेज 2019 के 3.23 करोड़ (16.7%) से बढ़कर 2026 में 15.83 करोड़ (≈81.8%) ग्रामीण परिवारों तक पहुँच गया है।
  • कार्यात्मकता मूल्यांकन (2024): सर्वेक्षण किए गए गांवों में 98.1% घरों में नल कनेक्शन थे, 84% को समय सारणी के अनुसार पानी मिला, 80% को न्यूनतम 55 LPCD प्राप्त हुआ और 76% नल कनेक्शन कार्यात्मक पाए गए।
  • सामुदायिक नेतृत्व वाली उपलब्धियां: जल महोत्सव और जल अर्पण के माध्यम से बड़े पैमाने पर भागीदारी बढ़ी है जो सामुदायिक स्वामित्व और स्थिरता को दर्शाती है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि JJM के लक्ष्यों को प्राप्त करने से प्रतिदिन 5.5 करोड़ से अधिक घंटों की बचत होगी, मुख्य रूप से महिलाओं के लिए, जो अन्यथा पानी इकट्ठा करने में खर्च होते थे।

 

 

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WASH

An acronym for Water, Sanitation, and Hygiene. It represents a critical area of focus for climate adaptation, ensuring access to safe water, adequate sanitation facilities, and hygiene practices.

नल जल मित्र कार्यक्रम (NJMP)

एक कार्यक्रम जिसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को 'नल जल मित्र' के रूप में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे अपने गांवों में पाइप से जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव और मरम्मत के कौशल से लैस हो सकें।

रूरल वॉश पार्टनर्स फोरम (RWPF)

तकनीकी, ज्ञान उत्पाद विकास और सूचना साझाकरण के माध्यम से WASH (Water, Sanitation and Hygiene) क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने वाली एक पहल।

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