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भारत में खाद्य फोर्टिफिकेशन (Food Fortification in India)

30 Apr 2026
1 min

In Summary

  • पोषक तत्वों की स्थिरता पर आईआईटी खड़गपुर के अध्ययन के कारण सरकार ने पीएमजीकेएवाई के तहत चावल में पोषक तत्वों को मिलाने की प्रक्रिया रोक दी है।
  • खाद्य सुदृढ़ीकरण में मुख्य खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्वों को मिलाना शामिल है, जिसे चावल, गेहूं के आटे, तेल, दूध और नमक के लिए FSSAI मानकों द्वारा विनियमित किया जाता है।
  • चिंताओं में कम जैव उपलब्धता, प्रतिरक्षा समर्थन की कमी, शेल्फ-लाइफ में गिरावट और अधिक पोषण का खतरा शामिल है, जिसके लिए बेहतर पैकेजिंग और आहार विविधता की आवश्यकता है।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों?

सरकार ने IIT खड़गपुर के एक अध्ययन में पोषक तत्वों की स्थिरता से जुड़े निष्कर्षों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत चावल फोर्टिफिकेशन (Rice Fortification) योजना को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

खाद्य फोर्टिफिकेशन क्या है?

  • यह किसी खाद्य पदार्थ में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा को विचारपूर्वक बढ़ाने की प्रक्रिया है, ताकि भोजन की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो और जनस्वास्थ्य को लाभ मिले, साथ ही स्वास्थ्य पर न्यूनतम जोखिम हो।
    • उदाहरण: फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) चावल के आटे में आयरन, फोलिक एसिड (विटामिन B9) और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व मिलाकर बनाए जाते हैं, जिन्हें चावल के दानों जैसा आकार दिया जाता है।
  • भारत में नियामक ढांचा : खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य फोर्टिफिकेशन) विनियम, 2018 में सुदृढ़ खाद्य पदार्थों के मानक और गुणवत्ता तय किए गए हैं।
    • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पांच मुख्य खाद्य पदार्थों चावल, गेहूं का आटा, खाद्य तेल, दूध और नमक के फोर्टिफिकेशन के लिए मानक लागू किए हैं।
  • खाद्य फोर्टिफिकेशन के तरीके
    • जैव फोर्टिफिकेशन:  फसलों को उगाने के दौरान ही उनके पोषण स्तर को बढ़ाना, जैसे पारंपरिक प्रजनन या आनुवंशिक परिवर्तन के माध्यम से।
    • उदाहरण: विटामिन A युक्त नारंगी रंग का शकरकंद।
  • औद्योगिक फोर्टिफिकेशन:  उत्पादन या प्रसंस्करण के दौरान मुख्य खाद्य पदार्थों (जैसे आटा, तेल और नमक) में  उनके निर्माण या प्रसंस्करण के चरण के दौरान सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाना।
    • उदाहरण: नमक पर आयोडीन छिड़कना या सामान्य चावल में 1:100 के अनुपात में FRK मिलाना।
  • घरेलू फोर्टिफिकेशन: सबसे आसान और सीधा तरीका, जिसमें व्यक्ति अपने भोजन में खुद से सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाते हैं।
    •  उदाहरण: भोजन बनाते समय या खाने से पहले आयरन पाउडर, पोषक सैशे या गोलियां मिलाना।

खाद्य फोर्टिफिकेशन से जुड़ी चिंताएं

  • कम जैव उपलब्धता: प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में जो पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, वे शरीर द्वारा कम मात्रा में अवशोषित और उपयोग किए जाते हैं।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली के समर्थन की कमी: प्राकृतिक खाद्य पदार्थों की तुलना में कृत्रिम रूप से सुदृढ़ किए गए खाद्य पदार्थों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व नहीं होते।
  • शेल्फ लाइफ में कमी:  अध्ययन के अनुसार नमी, भंडारण की स्थिति, तापमान, आर्द्रता और पैकेजिंग सामग्री जैसे कारक फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) और फोर्टिफाइड चावल की स्थिरता और उपयोग समय को प्रभावित करते हैं।
  • अधिक पोषण  का जोखिम: सुदृढ़ खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन दवाओं के प्रभाव में हस्तक्षेप कर सकता है, अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण को कम कर सकता है और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।

आगे की राह

  • आहार में विविधता बढ़ाना: कुपोषण और मोटापे दोनों से निपटने के लिए बाजरा जैसे पोषक तत्वों से भरपूर विभिन्न खाद्य समूहों के सेवन को बढ़ावा देना।
  • FSSAI की अनिवार्य लेबलिंग और चेतावनी: खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम, 2020 के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है और उपभोक्ताओं को बेहतर व स्वस्थ विकल्प चुनने में सहायता मिलेगी।
  • शेल्फ लाइफ से जुड़ी समस्याओं का समाधान: बेहतर पैकेजिंग, छोटी आपूर्ति श्रृंखला और अधिक स्थिर उत्पाद विकसित करने में निवेश किया जाए।

निष्कर्ष

खाद्य फोर्टिफिकेशन सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने का एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसकी सफलता सही क्रियान्वयन और वैज्ञानिक आधार पर निर्भर करती है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इसे रोकना यह दर्शाता है कि बेहतर भंडारण, निगरानी और फोर्टिफिकेशन के साथ-साथ संतुलित आहार अपनाना भी आवश्यक है।

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खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम, 2020

FSSAI द्वारा जारी विनियम जो खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और प्रदर्शन के संबंध में नियम निर्धारित करते हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके।

जैव उपलब्धता (Bioavailability)

किसी पोषक तत्व की वह मात्रा जिसे शरीर द्वारा अवशोषित और उपयोग किया जा सकता है।

घरेलू फोर्टिफिकेशन (Household Fortification)

व्यक्तियों द्वारा अपने भोजन में स्वयं सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाना, जैसे कि पोषक तत्वों वाले सैशे या पाउडर का उपयोग करना।

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